शक्ति | 2 कुरिन्थियों 4:17–18
- विषय: शक्ति
“ हमारा यह हल्का दुख, जो क्षण भर का है, हमारे लिए कहीं अधिक असीम और शाश्वत महिमा उत्पन्न कर रहा है, क्योंकि हम देखी हुई चीजों पर नहीं, बल्कि अनदेखी चीजों पर ध्यान देते हैं। क्योंकि देखी हुई चीजें क्षणभंगुर हैं, परन्तु अनदेखी चीजें शाश्वत हैं।”
2 कुरिन्थियों 4:17–18
आज आप जिस भी परिस्थिति का सामना कर रहे हैं, चाहे वह कितनी भी पीड़ादायक या बोझिल क्यों न हो, वह क्षणिक है। ईश्वर इसके माध्यम से कुछ शाश्वत कार्य कर रहे हैं। केवल अपने सामने जो है उसी पर ध्यान केंद्रित न करें। अपनी दृष्टि ऊपर उठाएं। एक ऐसी महिमा आ रही है जो इस संसार की किसी भी चुनौती से कहीं अधिक बड़ी है।
आज का चिंतन